Thursday, August 6, 2020
मक्का की ऑर्गेनिक जैविक खेती के बारे में जानकारी

मक्का

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मक्का का मूल स्थान मैक्सिको है । वहां से 18 वीं शताब्दी में भारत में इसके बोने का प्रचलन हुआ ।

यह मुख्य रूप से अमेरिका में बोई जाती है । चीन , रूस , मिश्र , फ्रांस , इटली , मंगोलिया आदि देशों में भी इसकी खेती होती है

। हमारे देश में राजस्थान , उत्तरप्रदेश , मध्यप्रदेश , गुजरात , महाराष्ट्र आदि में इसकी खेती होती है ।

 मिट्टी : - इसके उगाने के लिए काली दोमट मिट्टी ज्यादा उपयुक्त होती है क्योंकि चिकनी मिट्टी में नमी ग्रहण करने की शक्ति होती है तथा मक्का को ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है । नदियों के मुहाने से लाई गई मिट्टी इसके लिए उपयुक्त है । बालू दोमट में उत्पादन कम होता है ।

खाद : – मक्का के लिए गोबर की खाद 40 से 50 किंटल प्रति हैक्टर होनी चाहिए तथा कम्पोस्ट खाद व केचुआ द्वारा तैयार की गई मिट्टी इसके लिए लाभदायक होती है । मक्का के एक पेड़ पर 3-4 भुट्टे लगते हैं इसलिए ज्यादा खाद की आवश्यकता रहती है ।

पानी : – मक्का को प्राय : 60 इंच बार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है । समुद्र तल से 12,000 फुट की उंचाई वाले स्थानों पर इसे अधिक मात्रा में बोया जाता है । इसके अंकुरण के समय नमी ज्यादा होनी चाहिए व वातावरण गर्म होना चाहिए जिससे अंकुरण का प्रतिशत बढ़ जाता है । भुट्टों में दाने पड़ते समय कम से कम 2 पानी आवश्यक है । मक्का को प्राय गेहूं काटने अर्थात मार्च से जुलाई माह तक बोते हैं । मक्का के दाने प्रति दाना एक फुट के अन्तराल से होना चाहिए । मक्का का पत्ता से पत्ता छूना नहीं चाइए तो भुट्टे अच्छे होते है ।

इसके अलावा मक्का हल से बोई जाती है । इसके दानों को 9 ” से 12 ‘ की दूरी पर बुआई होती है ।

निराई गुड़ाई : – मक्का की निराई गुड़ाई प्राय : दो बार की जानी चाहिए । पहली एक पानी के बाद व दूसरी 45 दिन बाद । इसमें फुटान नहीं हो तो ज्यादा मजबूत बन जाता है । जिससे तीन – चार तक भुट्टे आते हैं व पैदावार ज्यादा होती है । कटाई : : – मक्का 75 से 80 दिन तक का समय लेती है । इसके बाद या तो भुट्टे तोड़ कर बेच देते हैं । हरा चारा जानवरों के काम आता है । पकने पर कटाई कर ली जाती है व भुट्टे तोड़कर मक्का निकाली जाती है ।

भुट्टों से मक्का निकालना : – इसके दानों में दांतली डालकर दाने अलग किए जाते हैं । इसमें समय ज्यादा लगता है । शेष अवशेष चारे व जलाने के काम में आता 8. उत्पादन : – मक्का का उत्पादन 30 से 40 क्विटंल प्रति हैक्टर होता है ।

मक्का का उपयोग ग्लूकोज व बियार बनाने में किया जाता है ।

बचने वाले मटेरियल से पशु आहार बनता है।

पशु आहार में भी मक्का उपयोग में लिया जा रहा है ।

भारतीय किसान पर बने रहने के लिए आप सभी किसान साथियों का आभार फिर नई जानकारी के सात हाजरी होगे हमारी टाइम आप के सहयोग के लिए हमेशा तट पर है अपने सवाल करे और समाधान प्राप्त करे

धन्यवाद

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