Thursday, May 28, 2020
सोलर पंप पर कितनी सब्सिडी तथा किन किसानों को मिलेगी केसे और कब करे आवेदन ।

भारतीय किसान पर आप सभी किसान भाइयों का हार्दिक स्वागत है। आज हम आप को जानकारी देने सोलर पंप पर कितनी सब्सिडी तथा किन किसानों को मिलेगी केसे और कब करे आवेदन ।

सोलर ऊर्जा आधारित पम्प परियोजना देश में सोलर ऊर्जा की अपार संभावनाए हैं

गैर – पारम्परिक एवं पर्यावरण के लिए फायदेमंद सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए किसानों को सौर ऊर्जा आधारित पम्प स्थापित करवाये गये हैं । सौर ऊर्जा आधारित पम्प परियोजना राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश आदि राज्य के लिए वरदान साबित हुई है । सोलर ऊर्जा पम्प संयंत्र स्थापना में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है ।

सोलर पम्प के लाभ

• लाभकारी उच्च – मूल्य वाली बागवानी / कृषि फसलों को भी अपनाने का अवसर किसानों को देकर राज्य में सिंचित क्षेत्र बढ़ाना परिणाम स्वरूप उत्पादकता में बढ़ोतरी ।  • कुशल सिंचाई विधियों के उपयोग के माध्यम से भूजल संरक्षण ।  • बिजली की मांग व आपूर्ति के अंतर में कमी करके सिंचाई के लिए ग्रिड आधारित बिजली के अलावा एक नया विकल्प उपलब्ध करवाना है । • महंगे और प्रदूषणकारी डीजल पम्प सेट का कम इस्तेमाल ।  • ऐसे दूरस्थ स्थानों पर किसानों को सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराना जहां निकट भविष्य में विद्युत ग्रिड की संभावना कम है । • सौर ऊर्जा पम्प संयंत्रों द्वारा दिन के समय सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाना , चूंकि ग्रिड – पावर की आपूर्ति साधारणतया रात्रि के दौरान की जाती है जिससे कृषकों को सिंचाई करने में असुविधा होती है ।

केंद्र सरकर व राज्य सरकर द्वारा दिए जाने वाली सब्सिडी

सरकार से प्रोत्साहन राज्य में अब तक कुल 29675 सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र स्थापित करवाये जा चुके हैं । कृषक , जिनका नाम कृषि विद्युत कनेक्शन प्राप्त करने की वरीयता सूची में है तथा कृषि विद्युत कनेक्शन समप्रित करने को सहमत हैं , ऐसे कृषकों को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ( MNRE ) भारत सरकार द्वारा देयअनुदान जो कि लगभग आधार दर का 30 प्रतिशत है के अलावा राज्य योजना के अन्तर्गत आधार लागत का 45 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान देय होगा । इस प्रकार केंद्र और राज्य दोनों का कुल देय अनुदान आधार लागत का लगभग 75 प्रतिशत है । कृषक , जिनके पास कृषि विद्युत कनेक्शन नहीं है या उनका नाम डिस्कॉम की वरीयता सूची में नहीं है , को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा देय अनुदान जो कि लगभग आधार दर का 30 प्रतिशत है |

इस के अलावा राज्ययोजना अन्तर्गत आधार लागत का 30 प्रतिशत अतिरिक्त अनदान देय होगा । इस प्रकार कुल देय अनुदान आधार लागत का लगभग 60 प्रतिशत है । कृषक , जिनके पास कृषि विद्युत कनेक्शन हैं या जिनका नाम कृषि विद्युत कनेक्शन प्राप्त करने की वरीयता सूची में है एवं वे कृषि विद्युत कनेक्शन समर्पित नहीं करना चाहते , उन्हें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा देय अनुदान जो कि लगभग आधार दर का 30 प्रतिशत देय होगा ।कुसुम योजना के अन्तर्गत जो किसान सोलर पंप लगवाते है उन किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है । इस के लिए किसान को अपना विद्युत कनेक्शन जमा करना होता है या बिल की कॉपी देनी होती है |

कनेक्शन 5 H P तक होना चाइए इस से ज्यादा नहीं होना चाहिए । आवेदन अप्रैल से 1 तारीख से करे जब तक सोलर मिल नहीं जाती प्रतिवर्ष करते रहे । क्यों की आवेदन लिस्ट में नाम नहीं आने पर नए साल नए किसानों को लिया जाता है पुरानी लिस्ट के आधार से नहीं कृपया आवेदन 1अप्रैल से करते रहे ।

वास्तविकता से जुड़ी जानकारी के लिए भारत के किसानों की जानकारी व मदद के लिए भारतीय किसान आप के सात है। जानकारी मिलती रहे इस के लिए नोटीफैक्शन अलाव करे | धन्यवाद

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