खरगोश पालन

खरगोश पालन हमारे देश में गाय , भैंस , भेड , बकरी , सूअर व मुर्गी पालन मुख्य व्यवसाय है । इसी कड़ी में आजकल खरगोश पालन में भी कुछ रुझान आने लगा है । खरगोश फर ( बाल ) के साथ मांस के लिये पाला जाने लगा है ।

खरगोश पालन की मुख्य विशेषताएं

• खरगोश शाकाहारी प्राणी है जो लगभग सभी प्रकार की वनस्पति को खा कर अपना उत्पादन प्रदान करता रहता है ।

• कोई भी व्यक्ति सिर्फ एक – दो प्रशिक्षण लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकता है ।

• खरगोश में प्रजनन क्षमता बहुत अधिक होती है । मात्र 30 दिन में एक मादा द्वारा 8-10 बच्चे प्राप्त किये जा सकते हैं । इस तरह साल भर में 4-6 बार बच्चों का उत्पादन लिया जा सकता है । एक मादा साल भर में औसतन 40 बच्चे पैदा करती है ।

• तीन महीने के भीतर बच्चे अपना वजन 2-3 किलोग्राम तक प्राप्त कर लेते हैं एवं ये बच्चे ( कीटन ) चार से छ : माह में परिपक्व हो जाते हैं ।

• खरगोश के मांस में अन्य जानवरों की तुलना में अधिक प्रोटीन व कम वसा व कोलेस्ट्रोल होता है । अतः इसका मांस अधिक रक्तचाप हृदय रोगियों के लिये उपयोग में लाया जा सकता है ।

• इनकी ऊन नर्म व गर्म होती है । इनकी खाल दस्ताने , टोपियाँ , पर्स , जैकेट आदि बनाने के काम में ली जाती है ।

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